खेती के लिए कैसे थे पांच साल ?

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश की जनता से वादा किया है कि अगर उन्हें पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का मौक़ा मिला तो वह सारा ख़ज़ाना जनता पर लुटा देंगे.

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा शहर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने तीन वर्गों – किसान , नौजवान और मुसलमानों के लिए ख़ास घोषणाएँ कीं जबकि उनके सहयोगी मोहम्मद आज़म खान ने विशेषकर कांग्रेस से बदला लेने की अपील की.

सभा में आयी भीड़ से गदगद मुलायम सिंह यादव ने लोगों से हाथ उठवाकर विधान सभा चुनाव में समर्थन का भरोसा माँगा और फिर समर्थन में उठे हुए हाथों के बदले में वादा किया, “ आप सुन लीजिए ख़ज़ाना है जनता का , ख़ज़ाना है आपका.अकेले बहुमत की सरकार समाजवादी पार्टी की बना देना, हम ख़ज़ाना सारा आप पर लुटा देंगे.”

भीड़ ने समर्थन में तालियाँ बजाई तो मुलायम ने फिर दोहराया , “ ख़ज़ाना आपका है, ख़ज़ाना आपके लिए है.”

इससे पहले उन्होंने किसानों को अपनी पिछली सरकार की याद दिलाते हुए सिंचाई के लिए अठारह घंटे बिजली देने का वादा किया.

वादे

नौजवानों को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि वो सबको रोज़गार देने की कोशिश करेंगे और जिन्हें रोज़गार नही मिला तो बेरोज़गार नौजवानों को पहले के पांच सौ से बढ़ाकर एक हजार रूपये महीना भत्ता देंगे. मुलायम सिंह यादव ने लड़कियों के लिए कन्या विद्या धन योजना दोबारा शुरू करने के लिए कहा. किसानों और बुनकरों को पचास हजार तक का कर्ज़ा माफ़ करने का आश्वासन दिया.

उन्होंने समाजवादी पार्टी की पुरानी नीति के अनुसार दवाई और पढ़ाई सरकार की ओर से मुफ़्त देने की बात दोहराई.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के लोगों को भिखमंगा कर रहें हैं. लेकिन इसमें उनकी गलती नही है क्योंकि उन्हें जो भाषण लिखकर दिया जाता है वह बस उसे पढ़ देते हैं.

भाषण के प्रारंभ में मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री मायावती पर आरोप लगाया कि वह अपने जन्म दिन पर अफसरों और व्यापारियों से लूटे गए धन को उपहार बताकर अपना काला धन सफ़ेद करती हैं.

अख़बारों में छपी ख़बरों का हवाला देते हुए मुलायम सिंह यादव ने मायावती को देश की सबसे धनवान मुख्यमंत्री कहा.

मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री मायावती को इस बात के लिए आड़े हाथों लिया कि वह अपने को दलित और गरीब की बेटी कहते हुए भी किसी दलित या गरीब से नही मिलतीं.

अपनी बात को सही साबित करने के लिए उन्होंने जनता से पूछा कि क्या कोई दलित या गरीब उनसे मिलने जा सकता है? मुलायम सिंह यादव का कहना था कि उनकी सरकार में मुख्यमंत्री का घर सबके लिए खुला था.

आरोप

मुलायम सिंह यादव ने माया सरकार की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उनके राज में बहुत कम मुसलमान पुलिस में भर्ती किए गए.

मुस्लिम बहुल गोंडा क्षेत्र में अपने को मुस्लिम हितैषी साबित करने हुए मुलायम सिंह यादव ने याद दिलाया कि उनकी सरकार के दौरान उर्दू भाषा की तरक्की के लिए कदम उठाए गए, मदरसों को अनुदान मिला और उर्दू अध्यापकों तथा अनुवादकों की भर्ती की गयी.

मुलायम सिंह यादव ने केन्द्र की कांग्रेस सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों को नौकरियों और पढ़ाई में आरक्षण को धोख़ा बताया. उन्होंने अल्पसंखायकों के लिए रंगनाथ मिश्र और सच्चर आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग भी दोहराई.

उनसे पहले मोहम्मद आज़म खान जमकर कांग्रेस पर बरसे. आज़म खान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछड़े वर्गों में मुसलमानों के आरक्षण में ईसाई, सिख , बौद्ध और जैन आदि सबको शामिल करके धोख़ा किया है.

आज़म खान ने याद दिलाया कि 6 दिसंबर 1992 को कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने बाबरी मस्जिद दोबारा बनवाने का वादा किया था , जो आज तक पूरा नही हुआ.

उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे कांग्रेस को आरक्षण के मसले पर धोख़े की वही सज़ा दें जो 6 दिसंबर के लिए दी थी.

मुसलमान वोट बैंक

दरअसल पिछले लोक सभा चुनाव में इस इलाके में मुस्लिम वोट कांग्रेस में खिसक गया था और अब समाजवादी पार्टी उसे वापस पाने की पुरज़ोर कोशिश कर रही है.

मुस्लिम मतों की एक और दावेदार बहुजन समाज पार्टी को भी आड़े हाथों लेते हुए आज़म खान ने कहा कि उनके द्वारा रामपुर में बनवाए गए जौहर विश्वविद्यालय को मायावती सरकार ने खुलने नही दिया.

मायावती को तानाशाह बताते हुए आज़म खान ने कहा कि उन्होंने न केवल अपनी , बल्कि अपने माँ बाप की मूर्तियां भी सरकारी खर्चे पर लगवाईं और हाथियों की मूर्तियां बनवाने में भी भ्रष्टाचार हुआ.

उन्होंने संसद से ऐसा क़ानून बनाने की मांग की कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से अपनी प्रतिमाएं लगवाने वाले ‘तानाशाह’ को फांसी की सजा दी जाए.

मुलायम सिंह अपने चुनावी दौरों में हेलीकाप्टर से हर जगह मोहम्मद आज़म खान को ले जा रहें हैं. उनके जोशीले भाषण के जरिए समाजवादी पार्टी एक बार फिर अपना मुस्लिम – यादव और राजपूत का सामजिक गंठजोड बनाने की कोशिश कर रही है जो पिछले लोकसभा चुनाव में बिख़र गया था.

https://www.bbc.com/hindi/india/2012/01/120118_mulayam_rally_ss

 

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