फ़ोटो गैलरी : राम दत्त त्रिपाठी फ़ील्ड में
[gdgallery_gallery id_gallery=”2″]
यह भी ध्यान में रखना होता है कि हमारे कुछ श्रोताबहुत कम पढ़े लिखे हों या अक्षर ज्ञान बिलकुल न हों. उनको उस समाचार के सम्बंधित सन्दर्भों या पृष्ठभूमिका जानकारी न हो. इसलिए जहां जरुरी लगे उससमाचार की पृष्ठभूमि या सन्दर्भ जरुर बताना चाहिए, ताकि पूरी बात समझ में आये. मुझे मेरे बचपन की याद है. गाँव में एक छोटे संदूक नुमा रेडियो सेट ...